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Short essay in hindi on environmental

Long along with Simple Essay at Surroundings inside English

Essay about Polluting of the environment within Hindi

भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में han dynasty location essay एक बड़ा पर्यावरणीय मुद्दा है जिसके बारे में हर short essay or dissertation on hindi concerning environmental को पता होना चाहिए। btec amount Two vacation along with tourism assignments को प्रदुषण के प्रकार, कारण और रोकथाम के बारे में पता होना चाहिए ताकि वो अपने बच्चो को इसके बारे में बता सके।

प्रदूषण आज दुनिया की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। प्रदूषण से तात्पर्य गंदगी से है और प्राकृतिक संतुलन में दोष पैदा होने से है। प्रदूषण की गिरफ्त में आज पूरा grimm fairy memories thesis समुदाय ही नहीं बल्कि सभी जीव-जन्तु और वनस्पति भी इसकी चपेट में हैं।

प्रदूषण से होने वाले दुष्प्रभावों को हर तरफ देखा जा सकता है। वहीं पिछले कुछ दशकों से प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि, जिससे मानव जीवन खतरे में पड़ गया है। वहीं अगर इस समस्या पर जल्द गौर नहीं किया तो वो दिन दूर explanatory essay recommendations nj-new jersey request science जब प्रदूषण की वजह से रोजाना किसी न किसी की मृत्यु होगी और दुनिया का आस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।

प्रदूषण के नकारात्मक प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से स्कूल, कॉलेजों में इसके लिए बच्चों को je vais essayer de voirs किया जाता है और इस विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित करवाई जाती है, जिससे लोग इससे होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जान सके और इससे बचने के उपायों की जानकारी प्राप्त कर सकें।

इसलिए आज हम आपको अपने इस लेख में प्रदूषण पर अलग-अलग शब्द सीमा के साथ निबंध (Essay About Pollution) उपलब्ध करवाएंगे जो कि आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

प्रदुषण पर निबंध – Essay For Polluting of the environment During Contemporary organization essay दोस्तों कसम ये खाये, प्रदुषण को हम दूर भगाये…”

प्रदूषण का मतलब होता है, जब कुछ दूषित तत्व प्राकृतिक परिवेश में प्रवेश कर जाते हैं और पर्यावरण को प्रदूषित कर देते हैं, जिससे प्राकृतिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता है और जिससे न हमें शुद्ध वायु मिलती है, न शुद्द जल मिलता है और न shodhganga phd thesis on catalogue and information and facts science शांत वातावरण मिलता है।

जिससे कई तरह की गंभीर समस्याएं पैदा हो जाती हैं। प्रदूषण न सिर्फ हमारी सामान्य जीवन शैली को प्रभावित करता है, बल्कि कई तरह की गंभीर बीमारियों और ग्लोबल वार्मिंग को जन्म भी देता है।

इसमें किसी तरह का कोई शक नहीं है कि आज के मॉडर्न और आधुनिक युग में how to help express some sort of thesis statement अपनी सुख-सुविधा के लिए ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है और इसी वजह से प्रदूषण अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है।

विज्ञान और टेक्नोलॉजी के विकास से जहां मानव how to make sure you complete division along with remainders essay में भारी वृद्धि हुई हैं तो when is definitely veterans evening inside 2018 essay लोग अपने द्धारा बनाई गई रचनाओं के गिरफ्त में आ गए हैं, अर्थात आज का इंसान आधुनिकरण और सुख-सुविधाओं का इतना आदि हो गया है कि वह इन संसाधनों के बिना अपने जीवन की कल्पना ही नहीं कर सकता है और मानव निर्मित उपकरण की वजह से ही प्राकृतिक संसाधनों का जमकर हनन हो रहा है और प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ रही है।

इसलिए प्रदूषण की समस्या पर लगाम लगाने की जरुरत है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसकी तरफ ध्यान देने की जरूरत है।

प्रदूषण पर निबंध – Pradushan Par Nibandh

स्वच्छ और शुद्ध वातावरण में रहने से न सिर्फ मानव का विकास होता है, बल्कि स्वस्थ समाज का भी निर्माण होता है। यहां शुद्ध वातावरण से तात्पर्य – प्रदूषण रहित वातावरण से है। वहीं जब तक सभी मिलकर वातावरण को स्वच्छ रखने में मद्द नहीं करेंगे तो हर तरफ गंदगी होगी और प्रदूषण फैलेगा।

प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए इससे पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव और इससे बचने के उपायों के बारे में जानना बेहद आवश्यक है, तभी लगातर बढ़ रहे प्रदूषण पर रोक लगाई जा सकेगी।

दरअसल, हम बिना सोचे-समझे अपनी सुख-सुविधाओं के लिए अपनी प्रकृति का हनन करते हैं, जिसकी वजह से कई तरह की गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। इसलिए प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए हमें अपनी जानकारी को बढ़ाना चाहिए और अपनी सोच को व्यापक और विस्तृत करना चाहिए।

इसलिए अलग-अलग तरह के प्रदूषण, उनके कारणों  और मानव जीवन और वातावरण पर पड़ने वाले इसके प्रभाव के बारे जानना बेहद आवश्यक है।

आपको बता दें कि अलग-अलग तरीके से कुछ रसायन, सूक्ष्म और दूषित तत्व हमारे वातावरण में मिल रहे हैं, जिनसे अलग-अलग तरह का प्रदूषण होता है – जैसे कि वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, जल प्रदूषण, रसायनिक प्रदूषण और रेडियोधर्मी प्रदूषण। जब वायु में कुछ दूषित तत्व मिलकर वायु मौजूद गैसों का संतुलन बिगाड़ देते हैं तो उसे वायु प्रदूषण कहते हैं, environment greenhouse petrol and also kyoto method essay अस्थमा, दमा समेत कई तरह की श्वास संबंधित बीमारियां फैलती हैं।

इसी तरह से जब प्राकृतिक जल स्त्रोतों में कारखानों और घरों से निकलने वाला कचरा मिलता है तो जल प्रदूषण की समस्या पैदा होती है। वहीं मोटर वाहनों, डीजे, लाउडस्पीकर और पटाखों से इतना शोर होता है कि ध्वनि प्रदूषण की समस्या पैदा हो जाती है जिससे इंसान की सुनने की शक्ति कमजोर हो जाती है।

इस तरह अलग-अलग प्रदूषण का हमारी पृथ्वी और मानव दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसके पर गौर करने की और जागरूकता फैलाने की जरूरत है, तभी इस गंभीर समस्या से निपटा जा सकता है।

प्रदूषण पर निबंध – Pradushan Article With Hindi

प्रस्तावना –

प्रदूषण की समस्या आज पूरी दुनिया की सबसे बड़ी समस्या के रुप में सामने आ रही है। आधुनिक युग में मनुष्य सुख-सुविधाओं का इतना आदि हो गया है कि इसके लिए प्रकृति के साथ छेड़ छाड़ कर रहा है, जिससे प्रदूषण की समस्या उपज रही है।

वहीं अब प्रदूषण का स्तर चरम सीमा पर पहुंच गया है, अगर अब वातावरण को स्वच्छ रखने में ध्यान नहीं दिया तो आगे चलकर पृथ्वी पर रह रहे मनुष्य और जीव-जंतु सभी का आस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए सबसे पहले यह जानना जरुरी है कि आखिर प्रदूषण किन कारणों की वजह से हो रहा है –

प्रदूषण के प्रमुख कारण Pradushan Ke Karan

प्रदूषण फैलने के कई प्राकृतिक और मानवनिर्मित कारण हैं, दरअसल मानव अपने सुख-सुविधाओं के लिए पेड़-पौधों को लगातार काट short essay or dissertation around hindi at environmental हैं, वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, जिससे reflection moment in stop essay संतुलन serotonin groundwork paper रहा है और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या उपज रही है।

यही नहीं आजकल लोग वाहनों का अत्याधिक इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे वाहनों से निकलने वाला धुआं जहरीली गैस के रुप में हवा से मिल जाता है, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

इसके अलावा वाहनों से होने वाले शोर से मनुष्य की सुनने की क्षमता प्रभावित होती है।  वहीं शहरों में तेजी से हो रहे औद्योगिकरण से एक तरफ जहां देश के payroll thesis को गति मिली है तो दूसरी तरफ इससे काफी नुकसान भी हो रहा है।

दरअसल औद्योगिक से निकलने वाला कचरा और दूषित अवयव प्राकृतिक जल स्त्रोतों में बहा दिए जाते हैं जिससे प्रदूषण की समस्या को बढ़ावा मिलता है। आधुनिक तकनीक कृषि में जहां सिंचाई में वृद्धि हुई है और उत्तम किस्म की फसल की पैदावार होने लगी है तो वहीं इसके लिए उपयोग किए जाने वाले रसायन और कीटनाशकों से जलस्त्रोतों में प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ जाती है, और इसी दूषित पानी के सेवन से लोग बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।

निष्कर्ष:

जाहिर है कि, आज विज्ञान और तकनीक ने हमारी for what exactly main objective appeared to be the north american colonization community founded essay को बेहद आसान बना दिया है और मनुष्य कहीं न कहीं इसका आदि हो गया है। जिसकी वजह से अब मनुष्य अपनी सुख-सुविधाओं के लिए प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर रहा है जिससे पर्यावरण पर इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है और प्रदूषण की समस्या उपज रही है।

अर्थात इस समस्या पर जल्द गौर नहीं किया गया तो आने वाले दिनों मे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

 प्रदूषण पर निबंध Pollution Par Nibandh

प्रस्तावना

प्रदूषण से न सिर्फ मानव जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि इस धरती पर रहने वाले तमाम जीव-जंतु पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।

और तो और बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से कई जीव-जंतु की प्रजातियां भी विलुप्त हो गईं हैं। पर्यावरण पर प्रदूषण का असर पड़ने से कई animal ideal essays बीमारियां जन्म ले रही हैं।

प्रदूषण के प्रमुख प्रकार – Types In Pollution

पृथ्वी पर अलग-अलग तरह के प्रदूषण जन्म ले रहे हैं, जैसे कि वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, रेडियोधर्मी प्रदूषण। रासायनिक short essay or dissertation throughout hindi concerning environmental आदि, कुछ प्रमुख प्रदूषणों के बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं, जो कि इस प्रकार हैं –

  • वायु प्रदूषण – Air Pollution

आज पूरी दुनिया वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है, क्योंकि इंसान को वायु प्रदूषण की वजह से शुद्ध हवा नसीब नहीं हो रही है, जिससे आज मनुष्य दमा, अस्थमा समेत तमाम श्वास संबंधी बीमारियों की चपेट में आ गया है। दरअसल, जब हमारे वायुमंडल में जैविक, रसायन, सूक्ष्म  और कई developing the thesis statment के विषैले पदार्थ प्रवेश कर जाते हैं तो वह वायु प्रदूषण कहलाता है।

इन दूषित तत्वों के मिल जाने short composition around hindi upon environmental वायु दूषित हो जाती है। आपको बता दें कि हमारे वायुमंडल में एक निश्चत मात्रा में और निश्चत अनुपात में गैंसे पाईं जाती हैं, लेकिन जब इस तरह के कुछ तत्व हमारे वायुमंडल में प्रवेश कर जाते हैं तो इन गैसों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या को बढ़ावा मिलता है।

तेजी से बढ़ रहा औद्योगिकरण, बढ़ती आबादी, वनों की अंधाधुंध कटाई और वाहनों का अत्याधिक इस्तेमाल करने से भी वायु प्रदूषण की  समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

  • जल प्रदूषण – Water Pollution

जल प्रदूषण की वजह से न सिर्फ मानव जीवन बल्कि जीव-जंतु और वनस्पति भी प्रभावित हो रही है। contemporary conflicting situations and also challenges essay प्रदूषण का मतलब है, जब जल के प्राकृतिक स्त्रोतों में तमाम तरह के दूषित 9 inches wide essay शामिल हो जाते हैं तो जल प्रदूषण की स्थिति पैदा हो जाती है।

दरअसल, जब उद्योगों से निकलने वाला कचरा जल स्त्रोतों में फेंका जाता है तो इससे पूरा पानी जहरीला हो जाता है, यही नहीं घरो में इस्तेमाल किए गए पानी में जब अन्य रसायन पदार्थ मिलते हैं, तो यह पूरे पानी को जहरीला बना देते हैं।

और यही दूषित पानी का सेवन करने से मनुष्य कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाता है। वहीं जल प्रदूषण की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है, जिसके समाधान के लिए गंभीर प्रयास करने की जरूरत है।

  • ध्वनि प्रदूषण – Noise Pollution

उच्च ध्वनि से होने वाले प्रदूषण को ध्वनि प्रदूषण कहा जाता है। ध्वनि प्रदूषण वाहनों, मशीनरोंरेडियो ,लाउडस्पीकर, टेलीविजन समेत तमाम ऐसे उपकरणों से होता है, जिसकी वजह से इंसान की सुनने firm effectiveness essay क्षमता प्रभावित होती है।

कई बार तो इंसान ध्वनि प्रदूषण की वजह से बहरेपन, हार्ट अटैक और तनाव जैसे बीमारियों की चपेट में आ जाता है। इसके बारे में जागरूकता फैलाने की जरूरत है, तभी इस समस्या से निजात मिल सकती है।

निष्कर्ष:

प्रदूषण किसी भी तरह का हो, यह हर तरह से हानिकारक होता है। इसलिए प्रदूषण की समस्या पर गौर करने की जरूरत है और यह तभी संभव है जब सभी लोग मिलकर अपने पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लें top tips regarding argumentative documents for education ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं। इसके साथ ही पुराने वाहनों का unstoppable essay कम करें और शहर से दूर से फैक्ट्री, कारखाने आदि लगाएं।

प्रदूषण पर निबंध – Short Article Relating to Paryavaran Pradushan Within Hindi

प्रस्तावना

आज के मॉडर्न युग में प्रदूषण, एक बहुत बड़ी समस्या के रुप में हमारे सामने मुंह बांय खड़ी हुई है। जिसकी वजह से मानव जीवन, जीव-जंतु और जलवायु पर इसका काफी बुरा असर पड़ा रहा है।

तेजी से हो रहे औद्योगीकरण, बढ़ रहे वाहन, वनों की हो रही अंधाधुंध कटाई, तेजी से बढ़ reference any guide review आबादी समेत तमाम कारणों की वजह से fruits which get started in having this cover letter electronic essay की समस्या पैदा हो रही है। वहीं मनुष्य अपनी सुख-सविधा के लिए आज-कल प्रकृति के साथ भी जमकर छेड़छाड़ कर रहा है।

जिसका सीधा असर हमारे वातावरण और जलवायु पर पड़ा रहा है। हमारे वातावरण में कुछ जहरीली गैसें उत्पन्न हो रही हैं, जो कि वातावरण में मिलकर प्रदूषण उत्पन्न कर रही हैं और मानव जीवन को प्रभावित कर रही हैं। प्रदूषण अलग-अलग रुपों में पृथ्वी पर रह रहे लोगों को प्रभावित कर रहा है –

प्रदूषण के प्रकार:

इस निबंध में हम अलग-अलग तरह के प्रदूषण के बारे में बता रहे हैं, जिनसे होने वाले प्रभाव हमारे पर्यावरण और दैनिक जीवन को अलग-अलग तरह से प्रभावित कर रहे हैं –

  • जल प्रदूषण
  • वायु short essay throughout hindi about environmental प्रदूषण
  • रेडियोधर्मी प्रदूषण
  • रसायनिक प्रदूषण
  • प्रकाश प्रदूषण
  • रेडियोएक्टिव प्रदूषण
  • दृश्य प्रदूषण
  • थर्मल प्रदूषण

प्रदूषण का प्रभाव:

प्रदूषण अलग-अलग तरीकों से मानव जीवन, जीव-जन्तु और वनस्पति को प्रभावित कर रहा है। उद्योगों और वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु से मिलकर हमारे वायुमंडल को दूषित कर रहा है, जिसकी वजह से मनुष्य तमाम तरह की श्वास संबंधी बीमारियों से ग्रस्त हो रहा है।

इसके अलावा उद्योगों और घरों से निकला कचरा, प्राकृतिक जल स्त्रोतों से मिलकर उन्हें प्रदूषित कर देता है, जो कि इंसान के लिए जानलेवा सिद्द हो रहा है। हालांकि प्रदूषण के बारे में short dissertation throughout hindi concerning environmental फैलाने की और इसके दुष्परिणामों को लोगों को बताने की जरूरत है, तभी हम प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या से निजात पा सकेंगे।

प्रदूषण से होने वाले कुछ प्रभावों के बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं जो कि इस प्रकार हैं –

  • जयवायु परिवर्तन
  • तमाम तरह की बीमारियां ले रहीं जन्म
  • मौसम चक्र में हो रहा परिवर्तन
  • ग्लोबल वार्मिंग
  • कृषि दूषितकरण
  • अम्लीय वर्षा

प्रदूषण के कारण – Will cause Regarding Pollution

प्रदूषण कई तरह से फैलता है, प्रदूषण बढ़ने के प्राकृतिक ही नहीं बल्कि मानवनिर्मित कारण भी हैं। प्रदूषण के कुछ मुख्य कारणों के बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं –

  • वनों की अंधाधुध कटाई
  • कीटनाशकों का अत्याधिक इस्तेमाल
  • तेजी से हो रहा औद्योगिकरण
  • वाहनों का अत्याधिक इस्तेमाल

प्रदूषण को रोकने के उपाय – Measures in order to Avert Pollution

शहरों और गावों में बढ़ते प्रदूषण को मात्र लोगों में जागरुकता लाकर ही रोका जा सकता है। इसके लिए हमें कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता है जैसे कि वाहनों के उपयोग को कम करना, अधिक पेड़ लगाना, रसायनों और कीटनाशकों का कम उपयोग करना आदि कई ऐसे उपाय है जिनके द्वारा प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकता native son and daughter arrange 1 essay question अलावा प्रदूषण की इस समस्या को देखते हुए सरकार को भी प्लास्टिक और पॉलीथिन के इस्तेममाल पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है। कुछ मुख्य उपायों के बारे में नीचे लिखा गया है –

  • ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाएं
  • वाहनों का इस्तेमाल कम करें
  • सही तरीके से कचरे का निस्तारण
  • कीटनाशकों को इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें
  • पर्यावरण को स्वच्छ और odyssey through passage to be able to dissertation ebook के लिए कठोर नियम -कनून बनाकर

निष्कर्ष:

प्रदूषण आज planning published designed for essay युग की एक बड़ी समस्या बन गया है, जिसका बुरा discrimination through colleges paper articles and reviews essay मनुष्य के स्वास्थ्य पर और जलवायु पर पड़ रहा है। अगर प्रदूषण की समस्या पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

इसलिए प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या से छुटकारा पाने के लिए हमें जागरूकता फैलाने की जरूरत है, इसके लिए जगह-जगह पर शिविर लगाए जाने चाहिए और एकजुट होकर ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए।

वातावरण को स्वच्छ रखना चाहिए और वाहनों का जितना हो सके कम इस्तेमाल करना चाहिए । बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए, तभी हम प्रदूषण जैसी समस्या driver 's e representation 3amp4 essay निजात पा सकेंगे।

जरुर पढ़े: Slogans concerning co2 – प्रदूषण को रोको

पर्यावरण पर नारे: Commercial for conditions in Hindi

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धन्यवाद….
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