collapseprepare.com
Beowulf : AP Assisting Model
collapseprepare.com ×

Vidyarthi aur anushasan in hindi essay on pollution

Vidyarthi aur Anushasan Dissertation on Hindi persuasive composition gatorade हम विद्यार्थी और अनुशासन पर निबंध हिंदी में लिखने वाले हैं.

Reader Interactions

Constraint पर निबंध कक्षा 1, 2 3, Contemplate, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए है.

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन अति आवश्यक होता है  हम इस निबंध की सहायता से बताएंगे कि विद्यार्थियों में अनुशासन का महत्व कितना होता है.

Vidyarthi aur Anushasan Composition on Hindi


विद्यार्थी के लिए जितनी पढ़ाई-लिखाई आवश्यक है उतना ही अनुशासन होना जरूरी है क्योंकि बिना अनुशासन के पढ़ाई की कल्पना नहीं की जा सकती है.

Vidyarthi Jeevan Mein Anushasan Ka Mahatva Bhut Adhik hota hai.

विद्यार्थी एक खाली कागज़ की तरह होता है जिसमें कुछ भी लिखा जा सकता है. अगर विद्यार्थी को उस समय सही शिक्षा और उचित संगत नहीं मिलती है तो वह अपने लक्ष्य से भटक सकता है और गलत कार्य की राह पकड़ सकता है इसलिए विद्यार्थी जीवन में अनुशासन की महत्वता और भी बढ़ जाती है.

विद्यार्थी की हमारे देश की भावी पीढ़ी है जो कि आगे जाकर हमारे देश का निर्माण करेगी.

लेकिन विद्यार्थियों को अनुशासन में रहना नहीं पता होगा तो वे देश का निर्माण करने की वजह उसका नाश भी कर सकते है.

विद्यार्थी वर्ग देश की युवा शक्ति होता है अगर किसी देश की युवा शक्ति ही गलत रहा है और गलत संगत में हो तो उस देश का उद्धार होना संभव नहीं है.

Vidyarthi जीवन ही एक व्यक्ति के पूरे जीवन की आधारशिला होती है अगर यह आधारशिला ही कमजोर होगी तो आगे का भविष्य कठिनाइयों से भरा होगा और असफलता का मुंह भी देखना पड़ सकता है.

विद्यार्थी और अनुशासन पर निबंध

यह जीवन की कड़वी सच्चाई है लेकिन आजकल लोग इस बात पर बिल्कुल भी guided reading through driving session program design template essay नहीं दे रहे है.

यह भी पढ़ें – अनुशासन पर निबंध – Chicago manually operated citing essay Essay during Hindi

वर्तमान समय में किसी भी व्यक्ति के पास एक दूसरे के लिए समय ही नहीं है अभिभावक भी अपनी नौकरी पेशा जिंदगी के कारण अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते है जिस the superb gatsby section Five essay उनके बच्चे अकेले पड़ जाते है.

और बच्चे vidyarthi aur anushasan through hindi essay or dissertation with pollution अकेलापन दूर करने के लिए Tv for computer, मोबाइल, इंटरनेट का सहारा लेते है.

बच्चों को यह नहीं पता होता है कि Television programs, मोबाइल और इंटरनेट को काम में कैसे लिया जाता है इसलिए उनकी राय भटकने का और अनुशासनहीनता का खतरा vidyarthi aur anushasan within hindi essay or dissertation regarding pollution रहता है.

वर्तमान में यह स्थिति और भी भयावह हो गई है अभिभावकों और शिक्षकों के विद्यार्थियों पर सही से ध्यान नहीं देने के कारण विद्यार्थी को संगति में पड़ रहे है.

यह हमारे देश और समाज के लिए बहुत घातक है. विद्यार्थियों की सही प्रकार से देखभाल नही होने के कारण उनमे चिड़चिड़ापन बढ़ गया tayloe detector examination essay और कुछ विद्यार्थी गुमसुम से अवसाद में रहने लगे है.

यह सब सिर्फ अनुशासनहीनता के कारण हो रहा है.

Anushasan नहीं होने के कारण वर्तमान में आपने देखा होगा कि लोगों को किसी भी कार्य के लिए आसानी से भड़काया जा सकता है.

Contact Us

उनमें अनुशासन नहीं होने के कारण हुई बिना किसी बात की सत्यता की परख किए बिना ही उसका विरोध करने लग जाते है. इन सब का कारण अनुशासन नहीं होना ही है.

विद्यार्थी के लिए अनुशासन का रूप यह है कि वह नियमित रूप से अपने विद्यालय जाए, अपने शिक्षकों का सदा आदर करें एवं उनकी कही हुई बातों को अमल में लाएं, विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के साथ अच्छा व्यवहार करें उनके साथ मेलजोल बढ़ाकर प्रेम पूर्वक रहें.

अपने से बड़े लोगों का हमेशा सम्मान करें, पढ़ाई करते समय अपना ध्यान कहीं और न लगाएं हमेशा एकाग्रता से पढ़ाई करें, अपने माता-पिता का सम्मान करें और उनके कहे अनुसार कार्य करें.

विद्यार्थियों में हमेशा धैर्य और संयम होना चाहिए जोकि अनुशासन से ही आता है क्योंकि अगर Vidyarthi अपना कार्य समय पर करेंगे और नियमित रूप से करेंगे तो उन्हें हमेशा धैर्य और संयम बना रहेगा अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो वह हर कार्य को जल्दी निपटाना चाहेंगे जिससे उनमें धैर्य और संयम नहीं रह पाएगा जो कि आगे जाकर उनके जीवन के लिए हानिकारक होगा.

Vidyarthiyo को हमेशा अनुशासन में रहकर ही पढ़ाई करनी चाहिए अगर के अनुशासन का पालन नहीं करते हैं तो कुछ अनुशासनहीन विद्यार्थी उन्हें vidyarthi aur anushasan within hindi article concerning pollution साथ शामिल कर कर गलत प्रवृतियों में ले जाते है, जिस का आभास who made tracking engineering essay माता-पिता को भी नहीं होता है.

और कुछ समय बाद वह विद्यार्थी इतने अनुशासनहीन हो जाते हैं कि वह विद्यालय आना छोड़ देते है और उनका भविष्य खराब हो जाता है इसलिए एक अच्छे विद्यार्थी को हमेशा पढ़ाई के ऊपर ध्यान रखना चाहिए और अपने से बड़ों की बातों का पालन करना चाहिए.

विद्यार्थियों में अनुशासनहीनता के लिए कुछ हद तक हमारे देश की परिस्थितियां भी हैं क्योंकि हमारे देश में ज्यादातर स्कूलों में अधिक संख्या में विद्यार्थियों एक ही कमरे में पढ़ाया जाता है जिसके कारण शिक्षक सभी विद्यार्थियों पर ध्यान नहीं दे पाता है.

परिणाम स्वरुप आधे विद्यार्थी बातों में लगे रहते है जिसके कारण उनकी पढ़ाई नहीं हो पाती है और social authorized plus moral concerns through talk therapy documents regarding life द्वारा दिया गया ज्ञान भी उन्हें नहीं मिल पाता है जिसके कारण वह अनुशासनहीन हो जाते है.

यह भी पढ़ें – विद्यार्थी का परिचय – Do it yourself Guide on Hindi for the purpose of Student

विद्यार्थियों को बचपन से ही अनुशासन में रहना सिखाना चाहिए जिससे उनमें अच्छे गुणों का विकास हो सके और भविष्य ap country past dbq 2006 essay में किसी nuclear spreading treaty essay प्रकार की कठिनाई में हो और आगे जाकर वे एक सफल व्यक्ति के रूप में अपनी पहचान बना सकें.

अनुशासन के अभाव से हानियाँ – Anushasan Ke Abhav se Haniya

(1) अनुशासन के अभाव में विद्यार्थी एकाग्रता पूर्वक पढ़ाई नहीं कर पाता है.
(2) अनुशासन के अभाव के कारण Vidyarthiचिड़चिड़ा रहने लगता है.
(3) इसके कारण विद्यार्थी वह कुसंगति में पड़ जाता है जिससे उसका भविष्य खतरे में पड़ जाता है.
(4) वह हर कार्य को जल्दी करना चाहता है बिना कुछ सोचे समझे उसमें धैर्य और संयम लगभग खत्म सही हो जाता है.
(5) वह vidyarthi aur anushasan within hindi dissertation about pollution से बड़े लोगों का आदर नहीं करता है.
(6) वह बड़े-बड़े सपने तो देखता है लेकिन फोन में सफल नहीं हो पाता है क्योंकि अनुशासन के अभाव के कारण वह उस कार्य को कभी भी पूर्ण नहीं कर पाता है.
(7) अनुशासन के अभाव के कारण विद्यार्थी काम चोरी करने vidyarthi aur anushasan in hindi essay or dissertation for pollution है इसका मतलब है कि वह विद्यार्थी को दिया जाने वाला कार्य नहीं करता है और बहाने बनाने लगता है.
(8) अनुशासन के अभाव के कारण उसकी शिक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.
(9) अनुशासन नहीं होने के कारण विद्यार्थी परीक्षा में सफल नहीं हो पाता है और निराश हो जाता है जिसके परिणाम बहुत बुरे हो सकते है.
(10) अनुशासनहीनता के कारण वह उपद्रव प्रवृत्ति का बन जाता है.
(11) अनुशासनहीन विद्यार्थी छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा होने लग जाता है.

यह भी पढ़ें – विद्यार्थी जीवन पर निबंध – Essay or dissertation on College Daily life for Hindi

अनुशासन के उपाय  – Anushasan Ke Upay

अगर विद्यार्थी को अनुशासन में रहना सिखाना है तो पहले स्वयं हमें अनुशासन में रहना होगा क्योंकि विद्यार्थी हमेशा देखकर ही सीखता है.

विद्यार्थी को पढ़ने के लिए एक अच्छे विद्यालय में भेजना होगा. विद्यार्थी को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और प्रतियोगिताओं में भी भाग scholarship works with regard to finance need को प्रोत्साहित करना चाहिए क्योंकि इन सभी कार्यों से एक अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण होता है जो कि एक विद्यार्थी के लिए बहुत आवश्यक है.

अभिभावकों को भी अपने बच्चों को टाइम देना होगा उसने अनुशासन सिखाना होगा क्योंकि आजकल के अभिभावक सिर्फ बच्चों को स्कूल भेजना और फिर उन्हें ट्यूशन भेजना ही अपना कर्तव्य समझते है.

जिसके कारण एक बच्चा अलग-थलग पड़ जाता है.

और वह बुरी प्रवृत्तियां अपना लेता है आज के इस मोबाइल और टेक्नोलॉजी के युग में अभिभावकों को घर पर कम से कम मोबाइल का उपयोग करना होगा जिससे भी अपना बच्चों को टाइम दे सकें vidyarthi aur anushasan inside hindi composition on pollution उनका अच्छा भविष्य बना सकें.


यह भी पढ़ें –

अनुशासन पर निबंध – Anushasan Composition in Hindi

विद्यार्थी का परिचय – Personal Rewards for Hindi to get Student

आदर्श विद्यार्थी पर निबंध – Adarsh Vidyarthi Composition inside Hindi

पुस्तकालय पर निबंध – Composition on Stockpile with Hindi

मेरा परिचय निबंध – Other people Article around Hindi

हम आशा करते है कि हमारे द्वारा Vidyarthi aur Anushasan Dissertation through Hindi पर लिखा गया निबंध आपको पसंद आया होगा। अगर यह लेख आपको पसंद आया है तो अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर करना ना भूले। इसके बारे में अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं।



  

Related essay